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Monday, 10 December 2018

Monday, December 10, 2018

paramount test series for ssc cgl tier 1 pdf download

paramount test series for ssc cgl tier 1 pdf

Dear Friends, आज के अपने इस लेख में मैं आपको paramount test series for ssc cgl tier 1 pdf उपलब्ध करवाने जा रहा हूँ यह test series ssc cgl प्रतियोगिता परीक्षा को crack करने में आप सभी students के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हो सकती है यह test series paramount coaching से लिया गया है | वैसे भी अभ्यर्थियों के लिए यह चुनाव करना बहुत मुश्किल रहता है कि सबसे बढ़िया study pdf या materials उन्हें कहा से प्राप्त हो सकता है तो हमारा इस वेबसाइट बनाने का मुख्य उद्देश्य ही आप सभी को best study pdf/materials उपलब्ध करवाना है |

paramount test series for ssc cgl tier 1 pdf आप सभी अभ्यर्थियों की ssc cgl 2019 परीक्षा (exam) की तैयारी करने सहायता कर सकता है यह test series आप को हिंदी और english दोनों भाषाओं में यहाँ पर उपलब्ध है |

paramount test series for ssc cgl tier 1 pdf नीचे दिए दिए गए लिंक से आप आसानी से download कर सकते है जिसमे question papers के साथ उसका solutions भी दिया गया है |

paramount test series for SSC cgl tier 1 pdf (question papers) download from below


paramount test series for SSC cgl tier 1 pdf (Solution) download from below


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जरुर पढ़ें :– दोस्तों अगर आपको किसी भी प्रकार का सवाल है या ebook की आपको आवश्यकता है तो आप नीचे comment कर सकते है| आपको किसी परीक्षा की जानकारी चाहिए या किसी भी प्रकार कोई सहायता चाहिए तो आप comment कर सकते है. हमारा post अगर आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ share करे और उनकी सहायता करे|

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Saturday, 8 December 2018

Saturday, December 08, 2018

Kiran reasoning book pdf download in hindi (Verbal and Non Verbal)

Kiran reasoning book pdf download in hindi (Verbal and Non Verbal)

Dear Students, आज की इस लेख में मैं आपके साथ बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाली एक पुस्तक की pdf फाइल (Kiran reasoning book pdf) लेकर आया हूँ जिसे S.N Prashad की देख रेख मे तैयार जिन्हे तर्कशक्ति (Reasoning) में 50 वर्षो का अनुभव है और Kiran publication द्वारा प्रकाशित किया गया है| “Kiran Prakashan” की ये बुक “Competitive Reasoning” के “Verbal and Non Verbal”  के लिए बहुत अच्छी बुक हैं जो कि One Day Exam के Reasoning Questions को ध्यान में रख कर बनाई गयी है इसमें Reasoning Question को Solve करने के लिए बहुत अच्छी अच्छी trick बताई गयी हैं।

यह pdf उन सभी छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो SSC, Banking, Railway, PO, Clerk, SSC CGL, SSC CHSL, RBI, UPSC, MBA ,CAT, MAT, CTET, GRE , State Level Examination आदि परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है| किसी भी exam को crack करने के लिए ये portion भी बहुत जरूरी हो जाता हैं। लेकिन यह तभी संभव है जब आपकी Reasoning पर अच्छी पकड़ हो और अगर एक अच्छी बुक मिल जाये तो बहुत फायदे मिलते हैं। इस लिए आज हम आपको kiran Reasoning chapterswise की ebook pdf हिंदी मे शेयर कर रहे हैं। इससे आप अपने Reasoning पर अच्छी पकड़ बना सकते हैं।

Kiran reasoning book pdf (Verbal and Non-verbal) हिंदी में download करने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करे |

Kiran Reasoning Book के बारे में Detail:

Book Name – किरण Competitive Reasoning Verbal and Non-Verbal Useful for All Competitive Exams

Size – 67 MB

Pages -

Type – PDF (Scanned)

Quality – Good

Language: हिंदी

Kiran reasoning book pdf download in Hindi       

Click here

इस बुक में किन किन chapters को कवर किया गया है उसकी एक लिस्ट हम  नीचे दे रहे हैं:

Kiran Verbal Reasoning Book

  1. वर्णमाला (Alphabets)

  2. सादृश्यता (Analogy)

  3. वर्गीकरण (Classification)

  4. श्रंखला (Series)

  5. कूटलेखन-कूटवाचन (Coding-Decoding)

  6. दिशा और दूरी (Direction And Distance)

  7. रक्त संबंध (Blood-Relation)

  8. संकेत और अंकनपद्धति (Symbols And Notation)

  9. पदानुक्रम एवं व्यवस्थीकरण (Ranking And Arrangement)

  10. नियत दिन/तिथि/समय (Scheduled Day/Day/Time)

  11. वेन आरेख (Venn Diagram)

  12. लुप्त संख्या ज्ञात करना (Finding The Missing Number)

  13. शब्दो का अर्थपूर्ण (सार्थक) क्रम (Arrangement Of Words In logical Order)

  14. इनपूट (Input)

  15. घन एवं पासा (Cube And Dice)

  16. कारण एवं परिणाम (Cause And Effect)

  17. कथन एवं निष्कर्ष (Statement And Conclusion)

  18. न्याय (Syllogism)

  19. कथन और पूर्वधारणाएँ (Statement & Assumptions)

  20. कथन एवं कार्यवाही (Courses Of Action)

  21. ऑकडो की पर्याप्तता  (Data Sufficiency)

  22. ऑकडा विश्लेषण (Data Analysis)

  23. समस्या-समाधान (Problems Solving)

  24. पंचलाइन (Punchline)

  25. पहेली परीक्षण (Puzzle Test)

  26. Sequential output tracing

  27. विविध (Miscellaneous)
Kiran non Verbal Reasoning Book
  1. श्रंखला (Series)

  2. सादृश्यता (Analogy)

  3. वर्गीकरण (Classification)

  4. लुप्त आकृति ज्ञात करना (Finding The Missing Figure)

  5. दर्पण एवं जल प्रतिबिंब (Mirror & Water images)

  6. कागज के टुकडे एवं मोड (Paper Cutting & Folding)

  7. प्रतिरुप पूर्ण करना (Completion Of Figure)

  8. छिपी हुई आकृति (Embedded Figure)

  9. आकृतियो का विचलन (Deviation Of Figure)

  10. विश्लेषणात्मक तर्क (Analytical Reasoning)

  11. विविध
तो कैसी लगी आपको हमारी Kiran Reasoning Book इसके बारे मे हमे नीचे comment के माध्यम से ज़रुर बताए|

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Saturday, December 08, 2018

सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण book pdf download in Hindi

सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण book pdf download in Hindi

Dear students, आज के अपने इस लेख मे मैं आपको सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी आपके साथ शेयर करने वाला हूँ| सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण समस्याओं को सोचने और हल करने की आपकी क्षमता का परीक्षण होता है। इस खंड में पूछे गए प्रश्न मुख्य रूप से कठिन पहेली (Brain Teasers) हैं और कभी-कभी जवाब देने में काफी मुश्किल हो सकते हैं| इसलिए, हमने विस्तृत पाठ्यक्रम संकलित किया है और इसे अध्याय के अनुसार विश्लेषण किया है, ताकि आप इस खंड में उच्च स्कोर कर सकें|

सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परिक्षण की तैयारी कैसे करें :

तार्किक कौशल में सुधार करना (Improve Your Logical Skills):
इस अनुभाग मे छात्रों की सोच और समस्या निवारण क्षमता के कौशल का परीक्षण किया जाता है इसलिए छात्रों को अपने तार्किक और विश्लेषणात्मक कौशल को तेज़ करने की आवश्यकता है |

अवधारणाओं पर कमान (Command over Concepts):
अवधारणाओं के मौखिक (Verbal) और गैर मौखिक (Non Verbal) प्रकार दोनों उम्मीदवारों द्वारा केंद्रित (Focus) किया जाना चाहिए। दिशाओं की समझ सटीक होना चाहिए, यानी, यह पहचानना कि कौन सी दिशा पश्चिम, उत्तर, पूर्व और दक्षिण है। श्रृंखला (Series) सबसे महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन इसमें निपुण होना बहुत मुश्किल है।

उचित अध्ययन योजना बनाना (Create a proper study plan):
प्रश्न पत्र के सभी वर्गों के लिए उचित रणनीति और समय सारिणी (Timetable) का पालन करें।

अनावश्यक धारणाएं न करें (Do not make unnecessary assumptions):
हमेशा याद रखे कि दिए गए प्रश्न सिर्फ दिए हुए डेटा द्वारा हल करे कभी भी अनावश्यक धारणाये और निर्णय न बनाये | किसी भी समस्या को हल करने के लिए चतुर (Smart) और उपयुक्त चाल और विधि का प्रयोग करें।

पिछले साल प्रश्न पत्र का अभ्यास करें (Practice Previous Year Question Papers):
प्रीवियस ईयर question paper का अभ्यास करे जितना ज्यादा से ज्यादा आपसे हो सके | लेकिन परीक्षा की वर्तमान संरचना (Pattern) का पालन करना न भूलें,क्योंकि परीक्षा पैटर्न समय-समय पर बदलता रहता है।

आप सभी ने  किसी प्रतियोगी परीक्षा  जैसे SSC Graduate Level Exams— Combined Graduate,Level Prel. Exam, CPO Sub-Inspector, Section Officer(Audit), Tax Assistant (Income Tax & Central Excise), Section,Officer (Commercial Audit), Statistical Investigators,Combined Graduate Level Tier-I & II, SAS, CISF ASI, CPO ASI & Intelligence officer, FCI, Delhi Police SI etc. Exams.,SSC 10+2 Level Exams— Data Entry Operator & LDC,Stenographer Grade ‘C’ & ‘D’ etc.,SSC Combined Matric level Exams — Combined,Matric Level Pre-Exam, Multitasking (Non-Technical) Staff,CISF Constable (GD), Constable (GD) & Riflemen (GD),and Other Competitive Exams की तैयारी करते है, तो आपने सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परिक्षण के लिए बहुत सी Books, Notes और pdf  जरुर बनाई या खरीदी होगी

आज के इस लेख मे सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण book pdf, Reasoning PDF, Logical Reasoning, Reasoning Book PDF तथा Reasoning Questions से सम्बन्धित बहुत से PDF Material, Book आपके साथ साँझा करूँगा जिससे आने वाली परीक्षा मे यहाँ से आपको कुछ मदद मिल जाए और व्यर्थ मे आपके पैसे भी खराब न हो तो नीचे दी गयी संपूर्ण जानकारी को ध्यानपूर्वक पढे।

सबसे पहले नीचे हम आपको सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण Books,Pdf और ebook format के बारे बताएँगे जो One Day Exams Reasoning Book काफी ज्यादा विद्यार्थी पसंद करते है, और लाखों विद्यार्थियो की पहली पसंद होती है

ध्यान दे : सबसे पहले आपको यह पता होना चाहिए कि Reasoning को 2 भागों मे विभाजित किया  गया है, जो कि निम्नलिखित प्रकार से है :
  1. भाषिक (Verbal) Reasoning

  2. अभाषिक (Non-Verbal) Reasoning
तो सबसे पहले आप दोनो पार्ट्स के अध्याय (Chapters) और उनसे सम्बन्धित Study Material PDF मे उपलब्ध है, उसे डाउनलोड कर ले।

सभी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में 'तर्कशक्ति (Reasoning)' को विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में विशेष महत्व होने के साथ-साथ इस विषय की सहायता से किसी व्यक्ति की तार्किक क्षमता को भी परखा जा सकता है।

Verbal Reasoning Book PDF

वर्बल रिजनिंग के टापिक से बहुत से Reasoning Chapter Questions Exam मे पूछे जाते है, जिसे हमने नीचे उपलब्ध करा दिया है, और सबसे नीचे Verbal Reasoning PDF Download कर सकते है।

Verbal Reasoning Chapter

  • Analogy

  • Classification

  • Series completion

  • Coding- decoding

  • Blood relation

  • Puzzle test

  • Sequential output tracing

  • Direction sense test

  • Logical Venn diagrams

  • Alphabet test

  • Number, ranking and time sequence test

  • Mathematical operation

  • Logical sequence of words

  • Arithmetical reasoning

  • Inserting the missing character

  • Data sufficiency

  • Decision making

  • Assertion and reason

  • Situation reaction test

  • Verification of truth of the statement
Verbal Reasoning PDF Download   Click here

Non-Verbal Reasoning Book PDF

ऊपर आपने Verbal Reasoning प्राप्त कर ली होगी तो इस टापिक मे आपको Non Verbal Reasoning Questions की Chapter से आते है, और उनके मुख्य Chapter कौन कौन से हम आपको इस बारे मे सरलतम रुप से बताएँगे।

Non Verbal Reasoning Chapter

  • Series

  • Analogy

  • Classification

  • Analytical reasoning

  • Mirror images

  • Water images

  • Embedded figures

  • Completion of incomplete pattern

  • Figure matrix

  • Paper cutting

  • Paper folding

  • Rule detection

  • Grouping of identical figures

  • Cubes and dice

  • Dot situation

  • Construction of secures and triangles

  • Figure formation and analysis

  • Practice question set
Non Verbal Reasoning PDF Download      Click here

सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण की तैयारी करते समय ध्यानयोग्य बातें :

नियमित अभ्यास (Regular Practice):
अपनी गति और सटीकता को बेहतर बनाने के लिए हर साल पिछले साल के पेपर और नकली परीक्षण का अभ्यास करने की आदत बनाएं।पिछले साल के पेपर हल करें क्योंकि कई प्रश्न हैं जिन्हें दोहराया जाता है।

महत्वपूर्ण विषयों का अभ्यास करें (Practice important topics):
छात्र ऊपर वर्णित अध्याय-वार विश्लेषण देख सकते हैं और पहले महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

अपने कमजोर टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करें (Focus on your weaker areas):
सबसे पहले आप कमजोर topics पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें और उन्हें बेहतर बनाने में अधिक समय व्यतीत करें। जिन topics में आप कमजोर है उनमे अधिक समय और अपने मजबूत क्षेत्रों में कम समय प्रदान करें।

पहले पूरा question ध्यानपूर्वक पढ़े (Read the complete question first):
छात्रों को अपूर्ण प्रश्न पढ़ने और अंत में गलत जवाब पर पहुंचने की गलती से बचने की आवश्यकता है। प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें और जांचें कि क्या पूछा जा रहा है।

वर्णमाला आदेश याद रखें (Remember alphabetical order):
हमेशा वर्णमाला की अनुक्रम याद रखें i.e. कौन सा वर्णमाला विशेष वर्णमाला के बाद या पहले आता है और आपको 1 से 26 के अनुसार उनकी संख्यात्मक स्थिति भी याद रखनी चाहिए।

समय प्रबंधन (Time Management):
उन अनुभागों (Sections) को अधिक समय दें जिनमे आप निपुण हो और यही सुनिश्चित करेगा कि आप परीक्षा की समय अवधि को किस प्रकार से प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकते है | याद रखें कि कोई विभागीय समय सीमा (Sectional time limit) नहीं है और कोई विभागीय कट ऑफ नहीं। तो आपका काम केवल अपने स्कोर को अधिकतम करना है, हालांकि आप कर सकते हैं।

General intelligence & Reasoning Test

हम यहां 31-1-2016 को आयोजित एस.एस.सी. जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) परीक्षा का हल प्रश्न-पत्र दे रहे है। इसके अध्ययन से आप केन्द्र तथा राज्यों के अन्तर्गत होने वाली विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं से संबद्ध परीक्षाओं (जैसे-सिविल सेवा, बैंक सेवा, एस.एस.सी. रेलवे, रक्षा सेवा, टी.ई.टी., यू.जी.सी., बी.एड. आदि हेतु अधिकारी, क्लर्क, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी इत्यादि हेतु) में आसानी से सफलता प्राप्त कर सकते है।हमें पूरी उम्मीद है कि यह बहुमूल्य अभ्यास पुस्तिका आगामी परीक्षाओं में आपका चयन सुनिश्चित करने हेतु आपका मार्ग अवश्य प्रशस्त करेगी।

सामान्य बुद्धि और तर्क (General Intelligence and Reasoning)
  1. यदि एक विशेष कोड में 'Education' को 365798214 के रूप में लिखा जाता है तो 'Conduct' का कैसे लिखा जा सकता है?
(a) 6485767 (b) 1458776 (c) 7146578 (d) 6547871 (Ans : c)

  1. अस्पताल रुपिन के घर के पूर्व की ओर 12 किमी है। उसका स्कूल अस्पताल के दक्षिण की ओर 5 किमी है। रुपिन के घर और स्कूल के बीच सबसे कम दूरी क्या है?
(a) 16 किमी (b) 12 किमी (c) 13 किमी (d) 17 किमी (Ans : c)

निर्देश (प्रश्न 3 से 11 तक) : दिए गए विकल्पों में से सम्बन्धित शब्द/अक्षरों/संख्या को चुनिए–
  1. कुर्सी: फर्नीचर: : फोर्क:?
(a) चम्मच (b) क्रौकरी (c) भोजन (d) कटलरी (Ans : d)

  1. q : d : : b : ?
(a) p (b) q (c) b (d) d (Ans : a)

  1. ABB : EGJ : : FHL : ?
(a) JJL (b) FHH (c) JMT (d) BDH (Ans : c)

  1. कम्पास: जहाज: : वास्तु:?
(a) भूमि (b) फ्लैट (c) भवन (d) घर (Ans : d)

  1. पुस्तक : पुस्तकालय : : ? : फाइल
(a) कम्प्यूटर (b) फोल्डर (c) डाटा (d) बाइट्स (Ans : c)

  1. EV : KP : : TG : ?
(a) AZ (b) ZA (c) AA (d) ZZ (Ans : b)

  1. 17 : 102 : : 23 : ?
(a) AZ (b) ZA (c) AA (d) ZZ (Ans : c)

  1. 25 : 36 : : ?
(a) 25 : 49 (b) 9 : 25 (c) 16 : 25 (d) 81 : 121 (Ans : c)

  1. 21 : 65 : : 31 : ?
(a) 78 (b) 85 (c) 80 (d) 95 (Ans : d)

निर्देश (प्रश्न 12 से 17 तक) : एक अनुक्रम दिया है, जिसमें एक पव लुप्त है। दिए गए विकल्पों में से वह सही विकल्प चुनिए जो अनुक्रम को पूरा करे।
  1. 3, 9, 21, 45, ?
(a) 78 (b) 54 (c) 87 (d) 93 (Ans : d)

  1. (1/8), (1/4), (1/2), 1, ?, 4
(a) 6 (b) (3/8) (c) 2 (d) (2/8) (Ans : c)
  1. 11, 12, 16, 25, ?
(a) 49 (b) 45 (c) 43 (d) 41 (Ans : d)
  1. CDDP DEER EFFT FGGV GHHX ?
(a) HJJY (b) ZIIH (c) HIIZ (d) HIJZ (Ans : c)
  1. Lmnmnopnopqr...?...
(a) Lmnop (b) opqrs (c) npqrs (d) pqrst (Ans : b)

  1. R I A T N I E ?
(a) B (b) A (c) D (d) C (Ans : a)

निर्देश (प्रश्न 18-25 तक) : दिए गए विकल्पों में से विषम शब्द/संख्या/अक्षर/संख्या युग्म चुनिए–
  1. (a) वृक्क विज्ञान (b) विकृति विज्ञान (c) ज्योतिष (d) कीट विज्ञान (Ans : c)
  1. (a) विकोडन (b) साइकिल चलाना (c) तर्क (d) सादृश्य (Ans : b)
  1. (a) 778 (b) 895 (c) 976 (d) 997 (Ans : d)
  1. (a) prrsuu (b) accdff (c) mnnoqq (d) egghjj (Ans : c)
  1. (a) OQTX (b) XZCG (c) JMNQ (d) EGJN (Ans : c)
  1. (a) NMOK (b) PKQJ (c) RLSK (d) TGUF (Ans : a)
  1. (a) एकटक देखना (b) देखना (c) आलिंगन (d) दृष्टिपात (Ans : c)
  1. (a) 8 (b) 96 (c) 111 (d) 87 (Ans : a)
  1. श्रेणी क्रम (series test)
इस परीक्षा में के लिए तीन या चार अंको की या इनसे अधिक की एक श्रेणी दी जाती है इन अंको में एक आपसी सम्बन्ध होता है या इनकी एक क्रम में श्रेणी बनती है . उसी के द्वारा ऐसे प्रश्नों को हल किया जाता है
  1. गणितीय सूत्रों को याद रखे (वर्ग, घन, सम, विषम, भाज्य)

  2. अधिक से अधिक अभ्यास करे

  3. प्रश्न की भाषा को समझे
  • योग का नियम :
5, 9, 14, 20, 27, ?

(a) 32 (b) 34 (c)35 (d) 37

अब देखते है की यह श्रेणी किस प्रकार से आगे बढ़ रही है=5 9 14 20 27 35

अब आप देख प चुके होंगे की किस क्रम में यह श्रेणी बढ़ रही है इसमें 4,5,6,7,8 के क्रम में बढ़ रही है माना की एक एक बढकर आपस में जुड रहें है इस प्रकार यह था योग का नियम
  1. +4, +4, +4 (संख्या का अंतर)

  2. +2, +4, +6 (सम संख्या का अंतर)

  3. +1, +4, +9 (प्राकृत संख्या का अंतर)

  4. +3, +5, +7 (विषम संख्या का अंतर)
  • घटाने का नियम
16, 14, 11, 7, ?

इस घटाने के नियम को देखते है आप इसमे ध्यान से देखीय क्या हो रहा है आप देखते है की इसमें -2, -3, -4, -5 से घट रहा है इसका मतलब इसमें अगला वाला अंक 2 आएगा.
  • गुना करने के नियम
देखते है यह उदाहरण 2, 6, 18, 54, ?

इस श्रेणी में यह संख्याए *3, *3, *3, *3, *3 से बढ़ रही है इसका मतलब इसमें अगले वाला अंक 162 आएगा
  • भाग का नियम:

240, 120, 60, 30, ? इसमें अगला अंक क्या होगा

इसमें देखने पर पाया गया की इसमें 240 में 2 का भाग देने पर 120 आये इस प्रकार आगे यह क्रम चालू रहा 120 में 2 का भाग लगने पर 60 आये ...... इस प्रकार से अगला शब्द 15 आएगा
  • संयुक्त श्रृंखला का नियम
इसमें दो क्रम में श्रेणी बढती है देखना चाहिए एक यह उदाहरण

4, 28, 6, 26, 8, 24, 10, 22, ?

अरे इसमें ये क्या आ गया छात्राओं इसमें दो क्रम चल रहा है जिसमें एक 4, 6, 8, 10 का बन रहा है वही दूसरी 28, 26, 24, 22 चल रही है पहली श्रेणी में दो जुड रहे है और दूसरी में दो के अंतराल से घट रहा है आ गया समझ में .
  • वर्ग और घन का नियम
इसमें वर्ग (किसी संख्या की दो की घात यानि की उस संख्या को दो बारी गुना करना) या घन (किसी संख्या की तीन की घात यानि उसको तीन बारी गुना करना) को जोड़कर हल किया जाता है देखते है एक उदाहरण

2, 9, 28, 65, 126 इसमें अगला क्या है

देखते है की किस क्रम में ये सब कुछ हो रहा है इसमें एक का घन + एक जुड रहा है एक का घन एक और उसमे एक और जोड़ दिया तो दो हो गये , इसी प्रकार से आगे चल रहा है दो घन +एक , दो का घन +एक, तीन का घन +एक इसी प्रकार से यह क्रम बढता है तो अंत में छ: का घन + एक जुडकर 217 हो रहे है (छ: का घन मतलब 6*6*6 = 216) +1 = 217 आया कुछ समझ में
  • मिश्रित क्रिया की श्रृंखला का नियम
3, 8, 23, 68, 203, ?

इसमें प्रत्येक पद *3-1 के क्रम में बढ़ रही है इसका मतलब 608 आएगा इसके अंत में

(203 * 3 -1 = 608)
  • अंको में व्यवस्था में परिवर्तन का नियम
1369, 9136, 6913, 3691, ? इसमें प्रत्येक अगला पद पिछले पद के आखिरी अंक से शुरू होता है अत: 3691 = 1369
  • पूर्व पदों के योग का नियम
5, 2, 7, 9, 16, 25 इसमें अगला पद क्या होगा

इसमें प्रत्येक तीसरा पद पिछले दो पदों का योग है इसक मतलब इसमें 41 आएगा

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Tuesday, 4 December 2018

Tuesday, December 04, 2018

वैदिक सभ्यता pdf download in hindi

वैदिक सभ्यता pdf download in hindi

Dear Students, आज के अपने इस लेख मे मैं आपको वैदिक सभ्यता pdf हिंदी मे उपलब्ध करवाने के साथ साथ वैदिक सभ्यता से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य और वैदिक सभ्यता या वैदिक काल से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर शेयर करने वाला हूँ जैसा की आप सभी छात्र जानते है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में वैदिक काल से सम्बंधित प्रश्न अवश्य पूछे जाते है। यह इतिहास विषय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे सम्बंधित प्रश्न उत्तर आप सभी के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

वैदिक काल, उत्तर वैदिक काल या वैदिक सभ्यता इतिहास का वह काल खंड है जिसमे कई परिवर्तन हुए, हर परिवर्तन एक नयी शुरुआत है जो आपको प्राचीन भारत के इतिहास के इस काल खण्ड में पढने को मिलेगा। आप इस वैदिक काल या वैदिक सभ्यता pdf को नीचे दिए हुए Download लिंक के माध्यम से PDF Download कर सकते है।

वैदिक सभ्यता pdf download in Hindi के बारे में जाने
Magazine Name: “वैदिक सभ्यता pdf download in Hindi”

PDF Size: 124 KB

No Of Pages: 4 Pages

Quality: High

Format: PDF

language: Hindi

वैदिक सभ्यता pdf download in Hindi              Download pdf

वैदिक सभ्यता या वैदिक काल से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य – Most Important Facts About Vedic Civilization

वैदिक सभ्यता

वैदिक सभ्यता प्राचीन भारत की सभ्यता है जिसमें वेदों की रचना हुई। भारतीय विद्वान तो इस सभ्यता को अनादि परंपरा आया हुआ मानते हैं | पश्चिमी विद्वानों के अनुसार आर्यों का एक समुदाय भारत मे लगभग 1500 ईस्वी ईसा पूर्व आया और उनके आगमन के साथ ही यह सभ्यता आरंभ हुई थी। आम तौर पर अधिकतर विद्वान वैदिक सभ्यता का काल 1500 ईस्वी ईसा पूर्व से 500 ईस्वी ईसा पूर्व के बीच मे मानते है| वैदिक काल प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक काल खंड है. उस दौरान वेदों की रचना हुई थी.

वेदों के अतिरिक्त संस्कृत के अन्य कई ग्रंथो की रचना भी इसी काल में हुई थी। वेदांग सूत्रौं की रचना मंत्र ब्राह्मण ग्रंथ और उपनिषद इन वैदिक ग्रन्थौं को व्यवस्थित करने मे हुआ है | अनन्तर रामायण, महाभारत,और पुराणौंकी रचना हुआ जो इस काल के ज्ञानप्रदायी स्रोत माना गया हैं। अनन्तर चार्वाक , तान्त्रिकौं ,बौद्ध और जैन धर्म का उदय भी हुआ|

आर्य सर्वप्रथम पंजाब और अफग़ानिस्तान में बसे थे. मैक्समूलर ने आर्यों का निवास स्थान मध्य एशिया को माना है. आर्यों द्वारा निर्मित सभ्यता ही वैदिक सभ्यता कहलाई है.इतिहासकारों का मानना है कि आर्य मुख्यतः उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में रहते थे इस कारण आर्य सभ्यता का केन्द्र मुख्यतः उत्तरी भारत था। इस काल में उत्तरी भारत (आधुनिक पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा नेपाल समेत) कई महाजन पदों में बंटा था।

वैदिक सभ्यता का नाम ऐसा इस लिए पड़ा कि वेद उस काल की जानकारी का प्रमुख स्रोत हैं। वेद चार है - ऋग्वेद, सामवेद, अथर्ववेद और यजुर्वेद। इनमें से ऋग्वेद की रचना सबसे पहले हुई थी। ऋग्वेद में ही गायत्री मंत्र है जो सविता (सूर्य) को समर्पित है।

वैदिक काल को मुख्यतः दो भागों में बाँटा जा सकता है- ऋग्वैदिक काल और उत्तर वैदिक काल। ऋग्वैदिक काल आर्यों के आगमन के तुरंत बाद का काल था जिसमें कर्मकांड गौण थे पर उत्तरवैदिक काल में हिन्दू धर्म में कर्मकांडों की प्रमुखता बढ़ गई।

वैदिक सभ्यता (Vedic civilization) भौगोलिक विस्तार

  • भारत में आर्य सर्वप्रथम सप्तसैंधव प्रदेश में आकर बसे इस प्रदेश में प्रवाहित होने वाली सैट नदियों का उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है।

  • ऋग्वेद में नदियों का उल्लेख मिलता है। नदियों से आर्यों के भौगोलिक विस्तार का पता चलता है।

  • ऋग्वेद की सबसे पवित्र नदी सरस्वती थी। इसे नदीतमा (नदियों की प्रमुख) कहा गया है।

  • ऋग्वैदिक काल की सबसे महत्वपूर्ण नदी सिंधु का वर्णन कई बार आया है। ऋग्वेद में गंगा का एक बार और यमुना का तीन बार उल्लेख मिलता है।

  • सप्तसैंधव प्रदेश के बाद आर्यों ने कुरुक्षेत्र के निकट के प्रदेशों पर भी कब्ज़ा कर लिया, उस क्षेत्र को ‘ब्रह्मवर्त’ कहा जाने लगा। यह क्षेत्र सरस्वती व दृशद्वती नदियों के बीच पड़ता है
ऋग्वैदिक नदियाँ
प्राचीन नामआधुनिक नाम
शुतुद्रिसतलज
अस्किनीचिनाब
विपाशाव्यास
कुभाकाबुल
सदानीरागंडक
सुवस्तुस्वात
पुरुष्णीरावी
वितस्ताझेलम
गोमतीगोमल
दृशद्वतीघग्घर
कृमुकुर्रम
  • गंगा एवं यमुना के दोआब क्षेत्र एवं उसके सीमावर्ती क्षेत्रो पर भी आर्यों ने कब्ज़ा कर लिया, जिसे ‘ब्रह्मर्षि देश’ कहा गया।

  • आर्यों ने हिमालय और विन्ध्याचल पर्वतों के बीच के क्षेत्र पर कब्ज़ा करके उस क्षेत्र का नाम ‘मध्य देश’ रखा।

  • कालांतर में आर्यों ने संपूर्ण उत्तर भारत में अपने विस्तार कर लिया, जिसे ‘आर्यावर्त’ कहा जाता था।
वैदिक सभ्यता (Vedic civilization) राजनीतिक व्यवस्था

सभा, समिति, विदथ जैसी अनेक परिषदों का उल्लेख मिलता है।

  • ग्राम, विश, और जन शासन की इकाई थे। ग्राम संभवतः कई परिवारों का समूह होता था।

  • दशराज्ञ युद्ध में प्रत्येक पक्ष में आर्य एवं अनार्य थे। इसका उल्लेख ऋग्वेद के 10वें मंडल में मिलता है।

  • यह युद्ध रावी (पुरुष्णी) नदी के किनारे लड़ा गया, जिसमे भारत के प्रमुख कबीले के राजा सुदास ने अपने प्रतिद्वंदियों को पराजित कर भारत कुल की श्रेष्ठता स्थापित की।

  • ऋग्वेद में आर्यों के पांच कबीलों का उल्लेख मिलता है- पुरु, युद्ध, तुर्वसु, अजु, प्रह्यु। इन्हें ‘पंचजन’ कहा जाता था।

  • ऋग्वैदिक कालीन राजनीतिक व्यवस्था, कबीलाई प्रकार की थी। ऋग्वैदिक लोग जनों या कबीलों में विभाजित थे। प्रत्येक कबीले का एक राजा होता था, जिसे ‘गोप’ कहा जाता था।

  • भौगोलिक विस्तार के दौरान आर्यों को भारत के मूल निवासियों, जिन्हें अनार्य कहा गया है से संघर्ष करना पड़ा।

  • ऋग्वेद में राजा को कबीले का संरक्षक (गोप्ता जनस्य) तथा पुरन भेत्ता (नगरों पर विजय प्राप्त करने वाला) कहा गया है।

  • राजा के कुछ सहयोगी दैनिक प्रशासन में उसकी सहायता कटे थे। ऋग्वेद में सेनापति, पुरोहित, ग्रामजी, पुरुष, स्पर्श, दूत आदि शासकीय पदाधिकारियों का उल्लेख मिलता है।

  • शासकीय पदाधिकारी राजा के प्रति उत्तरदायी थे। इनकी नियुक्ति तथा निलंबन का अधिकार राजा के हाथों में था।

  • ऋग्वैदिक काल में महिलाएं भी राजनीति में भाग लेती थीं। सभा एवं विदथ परिषदों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी थी।

  • सभा श्रेष्ठ एवं अभिजात्य लोगों की संस्था थी। समिति केन्द्रीय राजनीतिक संस्था थी। समिति राजा की नियुक्ति, पदच्युत करने व उस पर नियंत्रण रखती थी। संभवतः यह समस्त प्रजा की संस्था थी।

  • ऋग्वेद में तत्कालीन न्याय वयवस्था के विषय में बहुत कम जानकारी मिलती है। ऐसा प्रतीत होता है की राजा तथा पुरोहित न्याय व्यवस्था के प्रमुख पदाधिकारी थे।

  • वैदिक कालीन न्यायधीशों को ‘प्रश्नविनाक’ कहा जाता था।

  • विदथ आर्यों की प्राचीन संस्था थी।

  • न्याय व्यवस्था वर्ग पर आधारित थी। हत्या के लिए 100 ग्रंथों का दान अनिवार्य था।

  • राजा भूमि का स्वामी नहीं होता था, जबकि भूमि का स्वामित्व जनता में निहित था।

  • विश कई गावों का समूह था। अनेक विशों का समूह ‘जन’ होता था।
वैदिक कालीन शासन के पदाधिकारी
पुरोहितराजा का मुख्य परामर्शदाता
कुलपतिपरिवार का प्रधान
व्राजपतिचारागाह का अधिकारी
स्पर्शगुप्तचर
पुरुषदुर्ग का अधिकारी
सेनानीसेनापति
विश्वपतिविश का प्रधान
ग्रामणीग्राम का प्रधान
दूतसुचना प्रेषित करना
उग्रपुलिस


वैदिक सभ्यता (Vedic civilization) सामाजिक व्यवस्था

  • संयुक्त परिवार प्रथा प्रचलन में थी।

  • पितृ-सत्तात्मक समाज के होते हुए इस काल में महिलाओं का यथोचित सम्मान प्राप्त था। महिलाएं भी शिक्षित होती थीं।

  • प्रारंभ में ऋग्वैदिक समाज दो वर्गों आर्यों एवं अनार्यों में विभाजित था। किंतु कालांतर में जैसा की हम ऋग्वेद के दशक मंडल के पुरुष सूक्त में पाए जाते हैं की समाज चार वर्गों- ब्राह्मण, क्षत्रिय, बैश्य और शूद्र; मे विभाजित हो गया।

  • विवाह व्यक्तिगत तथा सामाजिक जीवन का प्रमुख अंग था। अंतर-जातीय विवाह होता था, लेकिन बाल विवाह का निषेध था। विधवा विवाह की प्रथा प्रचलन में थी।

  • पुत्र प्राप्ति के लिए नियोग की प्रथा स्वीकार की गयी थी। जीवन भर अविवाहित रहने वाली लड़कियों को ‘अमाजू कहा जाता था।

  • सती प्रथा और पर्दा प्रथा का प्रचलन नहीं था।

  • ऋग्वैदिक समाज पितृसत्तात्मक था। पिता सम्पूर्ण परिवार, भूमि संपत्ति का अधिकारी होता था

  • आर्यों के वस्त्र सूत, ऊन तथा मृग-चर्म के बने होते थे।

  • ऋग्वैदिक काल में दास प्रथा का प्रचलन था, परन्तु यह प्राचीन यूनान और रोम की भांति नहीं थी।

  • आर्य मांसाहारी और शाकाहारी दोनों प्रकार का भोजन करते थे।

ऋग्वैदिक धर्म

  • ऋग्वैदिक धर्म की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका व्यावसायिक एवं उपयोगितावादी स्वरूप था।

  • आर्यों का धर्म बहुदेववादी था। वे प्राकृतिक भक्तियों-वायु, जल, वर्षा, बादल, अग्नि और सूर्य आदि की उपासना किया करते थे।

  • ऋग्वेद में देवताओं की संख्या 33 करोड़ बताई गयी है। आर्यों के प्रमुख देवताओं में इंद्र, अग्नि, रूद्र, मरुत, सोम और सूर्य शामिल थे।

  • ऋग्वैदिक काल का सबसे महत्वपूर्ण देवता इंद्र है। इसे युद्ध और वर्षा दोनों का देवता माना गया है। ऋग्वेद में इंद्र का 250 सूक्तों में वर्णन मिलता है।

  • इंद्र के बाद दूसरा स्थान अग्नि का था। अग्नि का कार्य मनुष्य एवं देवता के बीच मध्यस्थ स्थापित करने का था। 200 सूक्तों में अग्नि का उल्लेख मिलता है।

  • ऋग्वैदिक लोग अपनी भौतिक आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए यज्ञ और अनुष्ठान के माध्यम से प्रकृति का आह्वान करते थे।

  • ऋग्वैदिक काल में मूर्ति पूजा का उल्लेख नहीं मिलता है।

  • देवताओं में तीसरा स्थान वरुण का था। इसे जाल का देवता माना जाता है। शिव को त्रयम्बक कहा गया है।

  • ऋग्वैदिक लोग एकेश्वरवाद में विश्वास करते थे।

ऋग्वैदिक देवता

  • अंतरिक्ष के देवता- इन्द्र, मरुत, रूद्र और वायु।

  • आकाश के देवता- सूर्य, घौस, मिस्र, पूषण, विष्णु, ऊषा और सविष्ह।

  • पृथ्वी के देवता- अग्नि, सोम, पृथ्वी, वृहस्पति और सरस्वती।

  • पूषण ऋग्वैदिक काल में पशुओं के देवता थे, जो उत्तर वैदिक काल में शूद्रों के देवता बन गए।

  • ऋग्वैदिक काल में जंगल की देवी को ‘अरण्यानी’ कहा जाता था।

  • ऋग्वेद में ऊषा, अदिति, सूर्य आदि देवियों का उल्लेख मिलता है।

  • प्रसिद्ध गायत्री मंत्र, जो सूर्य से संबंधित देवी सावित्रि को संबोधित है, सर्वप्रथम ऋग्वेद में मिलता है।

ऋग्वैदिक अर्थव्यवस्था

  1. कृषि एवं पशुपालन
  • गेंहू की खेती की जाती थी।

  • इस काल के लोगों की मुख्य संपत्ति गोधन या गाय थी।

  • ऋग्वेद में हल के लिए लांगल अथवा ‘सीर’ शब्द का प्रयोग मिलता है।

  • उपजाऊ भूमि को ‘उर्वरा’ कहा जाता था।

  • ऋग्वेद के चौथे मंडल में संपूर्ण मंत्र कृषि कार्यों से संबद्ध है।

  • ऋग्वेद के ‘गव्य’ एवं ‘गव्यपति’ शब्द चारागाह के लिए प्रयुक्त हैं।

  • सिंचाई का कार्य नहरों से लिए जाता था। ऋग्वेद में नाहर शब्द के लिए ‘कुल्या’ शब्द का प्रयोग मिलता है।

  • भूमि निजी संपत्ति नहीं होती थी उस पर सामूहिक अधिकार था।

  • ऋग्वैदिक अर्थव्यवस्था का आधार कृषि और पशुपालन था।

  • घोडा आर्यों का अति उपयोगी पशु था।
  1. वाणिज्य- व्यापार
  • वाणिज्य-व्यापार पर पणियों का एकाधिकार था। व्यापार स्थल और जल मार्ग दोनों से होता था।

  • सूदखोर को ‘वेकनाट’ कहा जाता था। क्रय विक्रय के लिए विनिमय प्रणाली का अविर्भाव हो चुका था। गाय और निष्क विनिमय के साधन थे।

  • ऋग्वेद में नगरों का उल्लेख नहीं मिलता है। इस काल में सोना तांबा और कांसा धातुओं का प्रयोग होता था।

  • ऋण लेने व बलि देने की प्रथा प्रचलित थी, जिसे ‘कुसीद’ कहा जाता था।
  1. व्यवसाय एवं उद्योग धंधे
  • ऋग्वेद में बढ़ई, सथकार, बुनकर, चर्मकार, कुम्हार, आदि कारीगरों के उल्लेख से इस काल के व्यवसाय का पता चलता है।

  • तांबे या कांसे के अर्थ में ‘आपस’ का प्रयोग यह संके करता है, की धातु एक कर्म उद्योग था।

  • ऋग्वेद में वैद्य के लिए ‘भीषक’ शब्द का प्रयोग मिलता है। ‘करघा’ को ‘तसर’ कहा जाता था। बढ़ई के लिए ‘तसण’ शब्द का उल्लेख मिलता है।

  • मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य एक व्यवसाय था।

वैदिक साहित्य

  • वेदों की संख्या चार है- ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद।

  • ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद विश्व के प्रथम प्रमाणिक ग्रन्थ है।

  • वेदों को अपौरुषेय कहा गया है। गुरु द्वारा शिष्यों को मौखिक रूप से कंठस्त कराने के कारण वेदों को "श्रुति" की संज्ञा दी गई है।

  • ऋग्वेद स्तुति मन्त्रों का संकलन है। इस मंडल में विभक्त 1017 सूक्त हैं। इन सूत्रों में 11 बालखिल्य सूत्रों को जोड़ देने पर कुल सूक्तों की संख्या 1028 हो जाती है।
वेद उपवेद
1) ऋग्वेद आर्युवेद ( चिकित्सा से सम्बधित)

2) यजुर्वेद धर्नुवेद ( धनुर विद्या से सम्बधित )

3) सामवेद गन्धर्ववेद ( विवाह से सम्बधित )

4) अर्थर्ववेद शिल्पवेद ( निर्माण कला से सम्बधित )

ऋग्वेद
ऋग्वेद के रचयिता
मण्डलऋषि
द्वितीयगृत्समद
तृतीयविश्वामित्र
चतुर्थधमदेव
पंचमअत्री
षष्टभारद्वाज
सप्तमवशिष्ठ
अष्टमकण्व तथा अंगीरम
  • दशराज्ञ युद्ध का वर्णन ऋग्वेद में मिलता है। यह ऋग्वेद की सर्वाधिक प्रसिद्ध ऐतिहासिक घटना मानी जाती है।

  • ऋग्वेद का नाम मंडल पूरी तरह से सोम को समर्पित है।

  • ऋग्वेद में 2 से 7 मण्डलों की रचना हुई, जो गुल्समद, विश्वामित्र, वामदेव, अभि, भारद्वाज और वशिष्ठ ऋषियों के नाम से है।

  • प्रथम एवं दसवें मण्डल की रचना संभवतः सबसे बाद में की गयी। इन्हें सतर्चिन कहा जाता है।

  • गायत्री मंत्र ऋग्वेद के दसवें मंडल के पुरुष सूक्त में हुआ है।

  • ऋग्वेद के दसवें मण्डल के 95वें सूक्त में पुरुरवा,ऐल और उर्वशी बुह संवाद है।

  • 10वें मंडल में मृत्यु सूक्त है, जिसमे विधवा के लिए विलाप का वर्णन है।
ऋग्वेद के नदी सूक्त में व्यास (विपाशा) नदी को ‘परिगणित’ नदी कहा गया है।

यजुर्वेद
  • यजु का अर्थ होता है यज्ञ।

  • यजुर्वेद वेद में यज्ञ की विधियों का वर्णन किया गया है।

  • इसमे मंत्रों का संकलन आनुष्ठानिक यज्ञ के समय सस्तर पाठ करने के उद्देश्य से किया गया है।

  • इसमे मंत्रों के साथ साथ धार्मिक अनुष्ठानों का भी विवरण है जिसे मंत्रोच्चारण के साथ संपादित किए जाने का विधान सुझाया गया है।

  • यजुर्वेद की भाषा पद्यात्मक एवं गद्यात्मक दोनों है।

  • यजुर्वेद की दो शाखाएं हैं- कृष्ण यजुर्वेद तथा शुक्ल यजुर्वेद।

  • कृष्ण यजुर्वेद की चार शाखाएं हैं- मैत्रायणी संहिता, काठक संहिता, कपिन्थल तथा संहिता। शुक्ल यजुर्वेद की दो शाखाएं हैं- मध्यान्दीन तथा कण्व संहिता।

  • यह 40 अध्याय में विभाजित है।
सामवेद

सामवेद की रचना ऋग्वेद में दिए गए मंत्रों को गाने योग्य बनाने हेतु की गयी थी।
  • इसमे 1810 छंद हैं जिनमें 75 को छोड़कर शेष सभी ऋग्वेद में उल्लेखित हैं।

  • सामवेद तीन शाखाओं में विभक्त है- कौथुम, राणायनीय और जैमनीय।

  • सामवेद को भारत की प्रथम संगीतात्मक पुस्तक होने का गौरव प्राप्त है।
अथर्ववेद
  • इसमें प्राक्-ऐतिहासिक युग की मूलभूत मान्यताओं, परम्पराओं का चित्रण है। अथर्ववेद 20 अध्यायों में संगठित है। इसमें 731 सूक्त एवं 6000 के लगभग मंत्र हैं।

  • इसमें रोग तथा उसके निवारण के साधन के रूप में जानकारी दी गयी है।

  • अथर्ववेद की दो शाखाएं हैं- शौनक और पिप्पलाद।

प्रमुख दर्शन एवं उसके प्रवर्तक

  1. चार्वाक – चार्वाक

  2. योग – पतंजलि

  3. सांख्‍य – कपिल

  4. न्‍याय – गौतम

  5. पूर्वमीमांसा – जैमिनी

  6. उत्तरमीमांसा – बादरायण

  7. वैशेषिक – कणाक या उलूम
  • एक और वर्ग ‘ पणियों ‘ का था जो धनि थे और व्यापार करते थे|

  • भिखारियों और कृषि दासों का अस्तित्व नहीं था. संपत्ति की इकाई गाय थी जो विनिमय का माध्यम भी थी. सारथी और बढ़ई समुदाय को विशेष सम्मान प्राप्त था|

  • आर्यों का समाज पितृप्रधान था| समाज की सबसे छोटी इकाई परिवार थी जिसका मुखिया पिता होता था जिसे कुलप कहते थे|

  • महिलाएं इस काल में अपने पति के साथ यज्ञ कार्य में भाग लेती थी|

  • बाल विवाह और पर्दाप्रथा का प्रचलन इस काल में नहीं था|

  • विधवा अपने पति के छोटे भाई से विवाह कर सकती थी. विधवा विवाह, महिलाओं का उपनयन संस्कार, नियोग गन्धर्व और अंतर्जातीय विवाह प्रचलित था|

  • महिलाएं पढ़ाई कर सकती थीं. ऋग्वेद में घोषा, अपाला, विश्वास जैसी विदुषी महिलाओं को वर्णन है|

  • जीवन भर अविवाहित रहने वाली महिला को अमाजू कहा जाता था|

  • आर्यों का मुख्य पेय सोमरस था. जो वनस्पति से बनाया जाता था|

  • आर्य तीन तरह के कपड़ों का इस्तेमाल करते थे. (i) वास (ii) अधिवास (iii) उष्षणीय (iv) अंदर पहनने वाले कपड़ों को निवि कहा जाता था. संगीत, रथदौड़, घुड़दौड़ आर्यों के मनोरंजन के साधन थे|

  • आर्यों का मुख्य व्यवसाय खेती और पशु पालन था|

  • गाय को न मारे जाने पशु की श्रेणी में रखा गया था|

  • गाय की हत्या करने वाले या उसे घायल करने वाले के खिलाफ मृत्युदंड या देश निकाला की सजा थी|

  • आर्यों का प्रिय पशु घोड़ा और प्रिय देवता इंद्र थे|

  • आर्यों द्वारा खोजी गई धातु लोहा थी|

  • व्यापार के दूर-दूर जाने वाले व्यक्ति को पणि कहा जाता था|

  • लेन-देन में वस्तु-विनिमय प्रणाली मौजूद थी|

  • ऋण देकर ब्याज देने वाले को सूदखोर कहा जाता था|

  • सभी नदियों में सरस्वती सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र नदी मानी जाती थी|

  • उत्तरवैदिक काल में प्रजापति प्रिय देवता बन गए थे|

  • उत्तरवैदिक काल में वर्ण व्यवसाय की बजाय जन्म के आधार पर निर्धारित होते थे|

  • उत्तरवैदिक काल में हल को सीरा और हल रेखा को सीता कहा जाता था|

  • उत्तरवैदिक काल में निष्क और शतमान मु्द्रा की इकाइयां थीं|

  • सांख्य दर्शन भारत के सभी दर्शनों में सबसे पुराना था. इसके अनुसार मूल तत्व 25 हैं, जिनमें पहला तत्व प्रकृति है|

  • सत्यमेव जयते, मुण्डकोपनिषद् से लिया गया है|

  • गायत्री मंत्र सविता नामक देवता को संबोधित है जिसका संबंध ऋग्वेद से है|

  • उत्तर वैदिक काल में कौशांबी नगर में पहली बार पक्की ईंटों का इस्तेमाल हुआ था|

  • महाकाव्य दो हैं- महाभारत और रामायण|

  • महाभारत का पुराना नाम जयसंहिता है यह विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य है|

  • सर्वप्रथम ‘जाबालोपनिषद ‘ में चारों आश्रम ब्रम्हचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ तथा संन्यास आश्रम का उल्लेख मिलता है|

  • गोत्र नामक संस्था का जन्म उत्तर वैदिक काल में हुआ|

  • ऋग्वेद में धातुओं में सबसे पहले तांबे या कांसे का जिक्र किया गया है. वे सोना और चांदी से भी परिचित थे. लेकिन ऋग्वेद में लोहे का जिक्र नहीं है|

ब्राह्मण –

वेदों की श्रुतियों को समझने के लिए ब्राह्मण की रचना की गयी है | प्रत्येक वेद के साथ कई ब्राह्मण जुड़े हुए है | इतिहास को जानने में वैदिक साहित्य में ऋग्वेद के बाद शतपथ ब्राह्मण का महत्वपूर्ण स्थान है|

वेदसम्बंधित ब्राह्मण
ऋग्वेदऐतरेय ब्राह्मण , कौषितकी ब्राह्मण
सामवेदतांड्या महाब्राह्मण, षडविंश ब्राह्मण
यजुर्वेदतैत्तरीय ब्राह्मण, शतपथ ब्राह्मण
अथर्वेदगोपथ ब्राह्मण , जैमिनीय ब्राह्मण, पंचविश ब्राह्मण

आरण्यक –

आरण्यक वेदों का वह भाग है जो गृहस्थाश्रम त्याग उपरान्त वानप्रस्थ लोग जंगल में पाठ किया करते थे | ये वेदों में वर्णित यज्ञों  और कर्मकांडो का वर्णन करते है | इसी कारण आरण्यक नामकरण किया गया।
  • इसका प्रमुख प्रतिपाद्य विषय रहस्यवाद, प्रतीकवाद, यज्ञ और पुरोहित दर्शन है।

  • वर्तमान में सात अरण्यक उपलब्ध हैं।

  • सामवेद और अथर्ववेद का कोई आरण्यक स्पष्ट और भिन्न रूप में उपलब्ध नहीं है।

उपनिषद –

उपनिषद का अर्थ दर्शन होता है | इन्हें वेदांत भी कहते है क्योंकि ये वेदों के अंतिम भाग होते है | उपनिषदों की संख्या 108 है | उपनिषद “ज्ञान कांड” जबकि अरण्यक “कर्म कांड” के लिए है | इन्हीं उपनिषदों से यह स्पष्ट होता है कि आर्यों का दर्शन विश्व के अन्य सभ्य देशों के दर्शन से सर्वोत्तम तथा अधिक आगे था। आर्यों के आध्यात्मिक विकास, प्राचीनतम धार्मिक अवस्था और चिन्तन के जीते-जागते जीवन्त उदाहरण इन्हीं उपनिषदों में मिलते हैं। उपनिषदों की रचना संभवतः बुद्ध के काल में हुई, क्योंकि भौतिक इच्छाओं पर सर्वप्रथम आध्यात्मिक उन्नति की महत्ता स्थापित करने का प्रयास बौद्ध और जैन धर्मों के विकास की प्रतिक्रिया के फलस्वरूप हुआ।
  • कुल उपनिषदों की संख्या 108 है।

  • मुख्य रूप से शास्वत आत्मा, ब्रह्म, आत्मा-परमात्मा के बीच सम्बन्ध तथा विश्व की उत्पत्ति से सम्बंधित रहस्यवादी सिधान्तों का विवरण दिया गया है।

  • "सत्यमेव जयते" मुण्डकोपनिषद से लिया गया है।

  • मैत्रायणी उपनिषद् में त्रिमूर्ति और चार्तु आश्रम सिद्धांत का उल्लेख है।

वेदांग -

युगान्तर में वैदिक अध्ययन के लिए छः विधाओं (शाखाओं) का जन्म हुआ जिन्हें ‘वेदांग’ कहते हैं। वेदांग का शाब्दिक अर्थ है वेदों का अंग। वेदांग को स्मृति भी कहा जाता है, क्योंकि यह मनुष्यों की कृति मानी जाती है। वेदांग सूत्र के रूप में हैं इसमें कम शब्दों में अधिक तथ्य रखने का प्रयास किया गया है। वेदांग की संख्या 6 है |
  • शिक्षा- स्वर ज्ञान

  • कल्प- धार्मिक रीति एवं पद्धति

  • निरुक्त- शब्द व्युत्पत्ति शास्त्र

  • व्याकरण- व्याकरण

  • छंद- छंद शास्त्र

  • ज्योतिष- खगोल विज्ञान

महाकाव्य –

  1. रामायण (वाल्मीकि ) – इसमें भगवान राम के जीवन का उल्लेख है | इसमें 7 कांड है | इसे आदि काव्य भी कहते है तथा यह विश्व का प्राचीनतम काव्यग्रंथ है |

  2. महाभारत (वेदव्यास) – इसमें कौरवों और पांडवों के जीवन का उल्लेख है | यह विश्व का  सबसे बड़ा महाकाव्य है | इसमें 1 लाख श्लोक है तथा यह 18 पर्वों में विभाजित है | भगवद गीता भीष्मपर्व से लिया गया है जबकि शन्ति पर्व सबसे बड़ा पर्व है |

पुराण –

कुल 18 पुराण है जिनके रचयिता लोमहर्ष तथा इनके पुत्र उग्रश्रवा है |
विष्णु पुराणमौर्य वंश
मत्स्य पुराणसातवाहन वंश
वायु पुराणगुप्त वंश
भागवत पुराणगुप्त वंश

वैदिक सभ्यता या वैदिक काल से जुड़े प्रमुख प्रश्न उत्तर

Dear Students, आज हम आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण वैदिक सभ्यता के कुछ महत्पूर्ण प्रश्न उत्तर लेकर आए जो ज्यादातर SSC, BANK, IAS, PCS, RLY, और बहुत सी एकदिवसीय परीक्षा मे पूछे गए है, वहाँ से मिलाकर कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को यहॉ एक स्थान मे रखा गया है, जिसे आप अगर अपनी Notes मे लिख ले तो ज्यादा बेहतर रहेगा तो नीचे दिए गए Most important प्रश्न उत्तरो को ध्यान से याद करे ताकि आप आगामी परीक्षा मे उच्च अंक प्राप्त करने मे सफलता प्राप्त कर सके।

1. वैदिक काल क्या है?

ANS) इसमे वेदो की रचना हुई इसलिए इसे वैदिक काल कहते है

2. वैदिक काल का प्रमुख देवता कौन था?

ANS) इन्द्र
3. उत्तर वैदिक काल का प्रमुख देवता कौन था ?

ANS) प्रजापति
4. वैदिक काल  के प्रमुख खाद्य पदार्थ क्या थे ?

ANS) गेहूँ, धान

5. वैदिक काल की सभ्यता कैसी थी?

ANS) कृषि प्रधान
6. वैदिक काल को कितने भागो मे बाटा जा सकता है ?

ANS) 2 भागो मे
1) ऋग्वैदिक काल ( 1500 – 1000 BC ) इसमे  ऋग्वेद की रचना हुई

2) उत्तरवैदिक काल ( 1000 – 700 BC ) इसमे अन्य तीन वेदो की रचना हुई
7. वेदो के साधारण रूप को क्या कहते है ?
ANS) वेदांग
8. वेदांग कितने है?
ANS) 6
1) शिक्षा   2) द्दन्द 3) व्याकरण   4) ज्योतिष 5) निरूकत 6) कल्प
निरूकत – शब्दो की उत्पत्ति का आधार
कल्प – पारिवारिक और समाजिक जीवन
9. उपनयन संस्कार क्या है ?
ANS) विद्या आरम्भ करने का संस्कार
यह सभी जातियो के लिए अलग होता था
ब्राह्मण – 8 वर्ष
क्षत्रिय – 11 वर्ष
वैश्य ( व्यापारी ) – 12 वर्ष की आयु मे यह संस्कार होता था
शुद्र को शिक्षा का अधिकार नही था
10. वैदिक काल मे समाज को कितने भागो मे बांटा जाता था ?
ANS) 4 भागो मे
1) ब्रहमण   2) क्षत्रिय 3) वैश्य ( व्यापारी )   4) शुद्र
11. आर्यो का अर्थ क्या है ?
ANS) श्रेष्ठ या उत्तम
12. आर्यो की सभ्यता कैसी थी ?
ANS) ग्रामीण
13. आर्यो का पुजनीय पशु क्या था?
ANS) गाय
14. आर्यो को किस धातु का ज्ञान था ?
ANS) लोहे
15. आर्यो समाज के लोग किसे महत्व देते थे ?
ANS) युद्ध को
16. आर्यो का व्यापार का माध्यम क्या था ?
ANS) वस्तु विनिमय
17. आर्यो का प्रिय पशु क्या था ?
ANS) घोडा
18. आर्यो की पवित्र नदी कौन सी थी ?
ANS) सिन्धु नदी
19. महाभारत को किन नामो से जाना जाता है ?
ANS) जयसंहिता ( 8800 श्लोक पर)
भारत   ( 24000 श्लोक पर )
महाभारत ( 100000 श्लोक पर )

20. महाभारत का युद्ध कितने दिन तक चला था ?
ANS) 18 दिन तक

21. महाभारत की रचना किसने की?
ANS) महऋषि वेद व्यास ने

22. रामायण मे कितने श्लोक है?
ANS) 24000

23. रामायण की रचना किसने की?
ANS) बाल्मीकि ने

24. पुराण कितने है?
ANS) 18

25. भगवान का पहला अवतार कौन सा है?
ANS) मत्सय अवतार

26. भगवान का 10 वॉ ( अन्तिम ) अवतार कौन सा है ?
ANS) कल्की अवतार

27. युग कितने है?
ANS) चार   1) सतयुग 2) त्रेतायुग   3) द्वापर 4) कलयुग

28. उपनिषद कितने है?
ANS) 108

29. स्मृति कितनी है?
ANS) 12

30. सबसे प्राचीन स्मृति कौन सी है?
ANS) मनु स्मृति

31. मनु स्मृति को किस काल मे लिखा गया?
ANS) सुग काल मे

32. पुरूषार्थ कितने है?
ANS) चार   1) अर्थ ( धन )   2) धर्म 3) काम 4) मोक्ष

33. भारतीय राजनीति विज्ञान का जनक कौन है ?
ANS) कौटिल्य

34. चारो वेद किन विषयो से सम्बधित है ?
ANS)
वेद                 विषय
1) ऋग्वेद           यज्ञ से सम्बधित

2) यजुर्वेद          यज्ञ से सम्बधित

3) सामवेद         संगीत से सम्बधित

4) अर्थर्ववेद       जादू टोने से सम्बधित

35..वेदों की संख्या कितनी है ?
  1. 1

  2. 2

  3. 3

  4. 4
Answer– 4

36.सबसे पुराना वेद कौन-सा है?
  1. ऋग्वेद

  2. सामवेद

  3. यजुर्वेद

  4. अथर्ववेद
Answer– 1
  1. ऋग्वेद में कितने मंडल है?
  1. 5

  2. 10

  3. 12

  4. 15
Answer– 2

38.गायत्री मंत्र का उल्लेख किस वेद में है?
  1. ऋग्वेद

  2. सामवेद

  3. यजुर्वेद

  4. अथर्ववेद
Answer– 1

39. गायत्री मंत्र का उल्लेख ऋग्वेद के किस मंडल में है?
  1. 1

  2. 2

  3. 3

  4. 4
Answer– 3
  1. ऋग्वेद में सबसे पवित्र नदी किसे कहा गया है ?
  1. गंगा

  2. यमुना

  3. सरस्वती

  4. ब्रह्मपुत्र
Answer– 3
  1. सबसे नया वेद कौन-सा है?
  1. ऋग्वेद

  2. सामवेद

  3. यजुर्वेद

  4. अथर्ववेद
Answer– 3
  1. वैदिक काल में राजा जनता से जो कर वसूल करता था उसे क्या कहते थे?
  1. जर्जिया

  2. बलि

  3. लगान

  4. कर
Answer– 2
  1. “सत्यमेव जयते” कहाँ से लिया गया है?
  1. ऋग्वेद

  2. शतपथ ब्राह्मण

  3. यजुर्वेद

  4. मुण्डकोपनिषद
Answer– 4
  1. ऋग्वेद में किसका उल्लेख है?
  1. मन्त्र

  2. जादू  

  3. आयुर्वेद  

  4. संगीत
Answer– 1
  1. ऋग्वेद में कुल ऋचाओं (मंत्रो) की संख्या है?
  1. 10,000

  2. 10,500

  3. 11,600

  4. 10,600
Answer– 4
  1. सामवेद में किसका उल्लेख है?
  1. मन्त्र

  2. जादू

  3. आयुर्वेद  

  4. संगीत
Answer– 4
  1. भारतीय संगीत का जनक किस वेद को कहते है?
  1. ऋग्वेद

  2. सामवेद

  3. यजुर्वेद

  4. अथर्ववेद
Answer– 2

48.यजुर्वेद में किसका उल्लेख है?
  1. मन्त्र

  2. कर्मकाण्ड

  3. आयुर्वेद  

  4. संगीत
Answer– 2
  1. अथर्ववेद में किसका उल्लेख है?
  1. मंत्रो

  2. रोग निवारण व जादू-टोना

  3. कर्मकाण्ड  

  4. संगीत
Answer– 2
  1. उपनिषदों की संख्या कितनी है?
  1. 4

  2. 68

  3. 108

  4. 12
Answer– 3
  1. उपनिषद को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
  1. वेद

  2. वेदांग

  3. वेदांत   

  4. पुराण
Answer– 3
  1. वेदांगों की संख्या कितनी है?
  1. 4

  2. 6

  3. 108

  4. 12
Answer– 2
  1. व्याकरण की सर्वप्रथम रचित पुस्तक है ?
  1. महाभास्य

  2. अष्टाध्यायी

  3. यजुर्वेद

  4. ऋग्वेद
Answer– 2
  1. अष्टाध्यायी के रचयिता कौन थे?
  1. कालिदास

  2. वेदव्यास

  3. पाणिनि

  4. अष्टावक्र
Answer– 3

55.पुराणों की संख्या कितनी है?
  1. 4

  2. 6

  3. 12

  4. 18
Answer– 4
  1. वैदिक आर्यों का मुख्य भोजन क्या था?
  1. जौ और चावल

  2. दूध और इसके उत्पादक

  3. चावल और दाल

  4. सब्जी और फल
Answer– 2
  1. निम्नलिखित में से कौन-सा अन्न मनुष्य द्वारा सबसे पहले प्रयोग में लाया गया?
  1. जौ

  2. चावल

  3. गेहू

  4. राई
Answer– 1
  1. वैदिक लोगों द्वारा किस धातु का प्रयोग सबसे पहले किया गया ?
  1. लोहा

  2. तांबा

  3. सोना

  4. चांदी
Answer– 2
  1. ‘वेद’ शब्द का क्या अर्थ है?
  1. बुद्धिमान

  2. कुशलता

  3. ज्ञान

  4. शक्ति
Answer– 3

60.आर्य सभ्यता में मनुष्य के जीवन के आयु के अवरोही क्रमानुसार कौन-सा सही है?
  1. गृहस्थ-ब्रह्मचर्य-वानप्रस्थ-संन्यास

  2. ब्रह्मचर्य-वानप्रस्थ-संन्यास-गृहस्थ

  3. ब्रह्मचर्य-गृहस्थ-वानप्रस्थ-संन्यास

  4. वानप्रस्थ-संन्यास-ब्रह्मचर्य-गृहस्थ
Answer– 3

  1. आरम्भिक वैदिक कला में वर्ण-व्यवस्था आधारित थी ?
  1. शिक्षा पर

  2. जन्म पर

  3. व्यवसाय पर

  4. प्रतिभा पर
Answer– 3

  1. आर्यों को एक जाति कहने वाला पहला यूरोपियन कौन था?
  1. विलियम जोन्स

  2. एच. विलियम

  3. मेक्समूलर

  4. जरनल कनिघम
Answer– 3

  1. आर्यन जनजातियों की पराधीनतम बस्ती कहाँ है ?
  1. उत्तर प्रदेश

  2. बंगाल

  3. दिल्ली

  4. सप्त सिन्धु
Answer– 4
  1. उपनिषद क्या है?
  1. महाकाव्य

  2. कथा-संग्रह

  3. कानून की पुस्तक

  4. हिन्दू दर्शन का स्त्रोत
Answer– 4
  1. रामायण के रचयिता कौन है?
  1. वेदव्यास

  2. वाल्मीकि

  3. कालिदास

  4. कौटिल्य
Answer– 2
  1. रामायण में कितने काण्ड है?
  1. 5

  2. 6

  3. 7

  4. 8
Answer– 3

  1. महाभारत  के रचयिता कौन है?
  1. वेदव्यास

  2. वाल्मीकि

  3. कालिदास

  4. कौटिल्य
Answer– 1
  1. अर्थशास्त्र के रचयिता कौन है?
  1. वेदव्यास

  2. बाल्मीकि

  3. कालिदास

  4. कौटिल्य
Answer– 4

Note:-  कौटिल्य को विष्णुगुप्त तथा चाणक्य के नाम से भी जाना जाता है
  1. मेघदूत  के रचयिता कौन है?
  1. वेदव्यास

  2. बाल्मीकि

  3. कालिदास

  4. कौटिल्य
Answer– 3
  1. कालिदास की प्रथम रचना क्या थी?
  1. मेघदूत

  2. रघुवंश

  3. अभिज्ञानशाकुन्तल

  4. ऋतुसंहार

Answer– 4
  1. ऋग्वेद के रचनाकार कौन है?
  1. विश्वकर्मा

  2. धन्वन्तरि

  3. विश्वामित्र

  4. भरतमुनि
Answer– 2
  1. यजुर्वेद के रचनाकार कौन है?
  1. विश्वकर्मा

  2. धन्वन्तरि

  3. विश्वामित्र

  4. भरतमुनि
Answer– 3
  1. सामवेद के रचनाकार कौन है?
  1. विश्वकर्मा

  2. धन्वन्तरि

  3. विश्वामित्र

  4. भरतमुनि
Answer– 4
  1. अथर्ववेद के रचनाकार कौन है?
  1. विश्वकर्मा

  2. धन्वन्तरि

  3. विश्वामित्र

  4. भरतमुनि
Answer– 1
  1. वेदों के टीकाओं को क्या कहते थे?
  1. ब्राह्मण ग्रन्थ

  2. धनुवेद

  3. वेद

  4. पुराण
Answer– 1
  1. ऋग्वैदिक काल में सबसे प्रतापी देवता कौन था?
  1. ब्रह्मा

  2. विष्णु

  3. शिव

  4. इंद्र
Answer– 4
  1. सर्वप्रथम कर लगाने की प्रथा किस काल से शुरु हुई?
  1. ऋग्वैदिक काल

  2. उत्तरवैदिक काल

  3. पुरावैदिक काल

  4. सिन्धु काल
Answer– 2
  1. अथर्ववेद को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
  1. ब्रह्मवेद

  2. पुराण

  3. आयुर्वेद

  4. धनुर्वेद
Answer– 1
  1. “ओ३म्” कहाँ से लिया गया है?
  1. ऋग्वेद

  2. मुण्डकोपनिषद

  3. वृहदारण्य उपनिषद

  4. यजुर्वेद
Answer– 3
  1. वैदिक युग में ‘यव’ कहा जाता था?
(A) गेहूँ

(B) चावल

(C) मक्का

(D) जौ

Answer– D
  1. ‘मनुस्मृति’ की रचना किसने की थी?

(A) विश्वामित्र

(B) मनु

(C) वाल्मीकि

(D) वेदव्यास

Answer– B
  1. योग दर्शन का प्रतिपादन किसने किया?
(A) मनु

(B) पतञ्जलि

(C) विश्वामित्र

(D) भर्तृहरि

Answer– B
  1. आर्यों ने सबसे पहले किस धातु को खोजा था?
(A) सोना

(B) तांबा

(C) चाँदी

(D) लोहा

Answer– D
  1. कृष्ण भक्ति का प्रथम एवं प्रधान ग्रंथ किसे माना जाता है?
(A) महाभारत

(B) श्रीमद्भागवत गीता

(C) मुंडक उपनिषद

(D) जयसंहिता

Answer– B

85.ऋग्वेद में ‘अघन्य’ शब्द का प्रयोग किस पशु के लिए किया गया है?

(A) गाय

(B) बकरी

(C) घोडा

(D) हाथी

Answer– A

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